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मातृ-भाषा के प्रति – भारतेंदु हरिश्चंद्र

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह जन्म: ९ सितंबर, १८५० वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत मृत्यु: ६ जनवरी, १८८५ वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।। अंग्रेज़ी पढ़ि के जदपि, सब गुन … Continue reading

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